राहुल गांधी के दिशा निर्देश पर कांग्रेसियों ने पीड़ित परिवार से मिलकर जताया गहरा शोक।
1- भारी पुलिस तैनाती के बीच अजय राय पहुँचे मनीष सिंह के गाँव, सरकार की दमनकारी नीति पर उठाए सवाल।
2- यूपी में कानून-व्यवस्था ध्वस्त, अपराधियों के बजाय जनप्रतिनिधियों की घेरेबंदी में जुटी सरकार: अजय राय।
3- पीड़ित परिवार को ₹2 करोड़ का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की उठाई पुरजोर मांग।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष पूर्व मंत्री अजय राय आज पिंडरा के बहुचर्चित मनीष सिंह हत्याकांड के पीड़ित परिवार से मिलने पहुँचे। लखनऊ से वाराणसी तक भारी पुलिस बल और प्रशासनिक घेरेबंदी के बावजूद श्री राय पीड़ित परिवार के बीच पहुँचे और उन्हें ढांढस बँधाया। प्रशासन की भूमिका पर कड़ा प्रहार। मीडिया से बात करते हुए श्री राय ने कहा कि लखनऊ से वाराणसी आने के दौरान उन्हें जगह-जगह रोकने और नजरबंद करने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा, “ऐसा लग रहा था जैसे सरकार अपराधियों को पकड़ने के बजाय एक जनप्रतिनिधि को पीड़ित परिवार से मिलने से रोकने के लिए अपनी पूरी शक्ति लगा रही है। खाकी का पहरा हमें अपने लोगों के आँसू पोंछने से नहीं रोक सकता। सरकार से प्रमुख माँगें पीड़ित परिवार की दयनीय स्थिति को देखते हुए अजय राय ने उत्तर प्रदेश सरकार के समक्ष निम्नलिखित माँगें रखीं: पीड़ित परिवार को तत्काल ₹2 करोड़ का मुआवजा प्रदान किया जाए।
परिवार के एक सदस्य को योग्यतानुसार सरकारी नौकरी दी जाए। हत्याकांड के दोषियों और उन्हें संरक्षण देने वाले सफेदपोशों को चिह्नित कर कठोरतम कार्रवाई की जाए। जंग जारी रहेगी। अजय राय ने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर निशाना साधते हुए कहा कि आज यूपी में जंगलराज कायम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस विषय पर मुख्यमंत्री से सीधे वार्ता करेंगे। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय और उचित आर्थिक सहायता नहीं मिली, तो कांग्रेस पार्टी सड़क से सदन तक बड़ा आंदोलन करेगी।।
अमन, दाऊद, की रिपोर्ट ✍🏻
