राजस्थान बताया जा रहा है कि नादौती में पहली पोस्टिंग के दौरान ही उन पर जमीन से जुड़े एक मामले में डिक्री जारी करने के बदले पैसे मांगने का आरोप लगा। एंटी करप्शन ब्यूरो ने शिकायत मिलने के बाद जाल बिछाया और उन्हें उनके सहयोगी प्रवीण और रीडर दिनेश के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया।
डील करीब 60 हजार रुपये की बताई जा रही है, जिसमें से 50 हजार रुपये उनके लिए तय थे। जांच में यह भी सामने आया कि शुरुआत में 1 लाख रुपये मांगे गए थे, बाद में रकम कम की गई। छापे के दौरान 4 लाख रुपये भी बरामद हुए हैं, जिनकी जांच चल रही है।
काजल मीणा की प्रोफाइल भी काफी मजबूत रही है। उन्होंने IIT Mandi से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है और इससे पहले EPFO और टेलीकॉम विभाग में भी काम कर चुकी हैं।
एक तरफ इतनी बड़ी उपलब्धि, दूसरी तरफ इतनी गंभीर आरोप इस पूरे मामले ने सिस्टम और नई भर्ती होने वाले अधिकारियों की जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।।
